महिला खिलाड़ियों को अब मां बनने और अपने देश के लिए खेलने के बीच चुनाव नहीं करना पड़े, इसी दिशा में ICC ने एक बड़ा कदम उठाया है। इंग्लैंड में चल रहे महिला टी20 विश्व कप के दौरान ICC ने सोमवार को 'रिटर्न टू प्ले पोस्ट-प्रेग्नेंसी गाइडलाइंस' लॉन्च कीं, जिनका उद्देश्य गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के बाद क्रिकेट में वापसी करने वाली खिलाड़ियों को बेहतर सहयोग देना है।
इन दिशा-निर्देशों को महिला खिलाड़ियों, राष्ट्रीय बोर्डों, मेडिकल स्टाफ़ और कोचों के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका के रूप में तैयार किया गया है। इसका मक़सद सदस्य देशों को अपनी स्थानीय परिस्थितियों और कानूनों के अनुरूप नीतियां बनाने में मदद करना है, ताकि खिलाड़ियों को शारीरिक, मानसिक और व्यावहारिक स्तर पर आवश्यक समर्थन मिल सके।
ऑस्ट्रेलिया टीम की डॉक्टर और ICC मेडिकल एडवाइजरी कमेटी की सदस्य डॉ. फिलिपा इंगे (जिन्होंने इन दिशा-निर्देशों का मसौदा तैयार करने में प्रमुख भूमिका निभाई) ने कहा कि यह पहल खिलाड़ियों को यह भरोसा दिलाने के लिए है कि मां बनना उनके करियर का अंत नहीं है।
"हमारा उद्देश्य सदस्य देशों को ऐसा माहौल बनाने में मदद करना है, जहां खिलाड़ी बच्चे के जन्म के बाद क्रिकेट में वापसी कर सकें। कई देशों के पास पहले ऐसी व्यवस्था नहीं थी और हमने इसे इस तरह तैयार किया है कि हर सदस्य देश अपनी परिस्थितियों के हिसाब से इसे अपना सके।"
महिला क्रिकेट के पेशेवर होने के साथ-साथ अब अधिक खिलाड़ी अपने करियर के दौरान परिवार शुरू करने का फै़सला कर रही हैं और फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी भी कर रही हैं। हालांकि कई देशों के पास पहले से मातृत्व नीतियां मौजूद हैं, लेकिन ICC की यह पहल उन बोर्डों के लिए एक मानक ढांचा उपलब्ध कराएगी जिनके पास ऐसी व्यवस्था नहीं है।
वेस्टइंडीज की 39 वर्षीय लेग स्पिनर अफी फ्लेचर, जो इस समय टी20 विश्व कप खेल रही हैं, ने 2021 में अपने बेटे को जन्म दिया था। वहीं पाकिस्तान की पूर्व कप्तान बिस्माह मारूफ 2022 विश्व कप में अपनी बेटी फातिमा को साथ लेकर गई थीं। बिस्माह ने 2024 में संन्यास लिया और बाद में एक बेटे को जन्म दिया।
न्यूज़ीलैंड की ऑलराउंडर एमी सैटरथवेट ने मातृत्व अवकाश के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की थी, लेकिन 2022 में केंद्रीय अनुबंध नहीं मिलने के बाद उन्होंने संन्यास की घोषणा कर दी। इसी तरह न्यूज़ीलैंड की बल्लेबाज़ लॉरेन डाउन ने इस साल क्रिकेट को अलविदा कहा, जबकि वह बच्चे के जन्म के सिर्फ़ छह महीने बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुकी थीं।
साउथ अफ़्रीका की तेज़ गेंदबाज़ मसाबाता क्लास भी अपने अधिकांश अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान एक बेटी की मां रही हैं। भारत की स्नेहा दीप्ती भी एक छोटे बच्चे की मां थीं जब उन्हें 2023 में दिल्ली कैपिटल्स ने महिला प्रीमियर लीग के पहले सीज़न के लिए चुना था।
ICC के दिशा-निर्देश "6 Rs" मॉडल पर आधारित हैं - Ready, Review, Restore, Recondition, Return और Refine। इसमें बच्चे के जन्म के बाद शुरुआती रिकवरी, मेडिकल और मानसिक स्वास्थ्य मूल्यांकन, धीरे-धीरे ट्रेनिंग में वापसी, क्रिकेट-विशेष फिटनेस, प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी और उसके बाद लगातार निगरानी जैसे पहलुओं को शामिल किया गया है।
इन दिशा-निर्देशों में लचीले ट्रेनिंग वातावरण, सुविधाओं और सेवाओं तक लगातार पहुंच, बच्चों की देखभाल संबंधी सहायता, मैच स्थलों पर स्तनपान या बच्चे की देखभाल के लिए उपयुक्त स्थान और जहां संभव हो यात्रा सहायता जैसी व्यवस्थाओं की भी सिफारिश की गई है।
